हम क्या कहते हैं, इससे जरूरी यह है कि हम कैसे कहते हैं
शनिवार सुबह 3:30 बजे मेरी बेटी चाहती थी कि मैं उसे एयरपोर्ट छोड़ आऊं, क्योंकि उसे अर्जेंट यात्रा करनी थी और बारिश हो रही थीl मैं तैयार हो गया और चंद ही मिनटों बाद मेैं कार मे था| लेकिन जब हम कॉलोनी के मुख्य द्वार पर पहुंचे तो पाया कि वह बंद था| वॉचमन अपने सिक्योरिटी केबिन में बैठा सो रहा था| मैंने बेटी से कहा कि उसे जाकर जगा दे, क्योंकि उस समय हॉर्न बजाने से कॉलोनी के दूसरे सदस्यों को व्यवधान हो सकता था| बेटी ने बिना किसी एतराज़ के ऐसा ही किया| उसने पहले कार का दरवाजा खोला, फिर छाता खोला, फिर सिक्योरिटी गेट तक गई और वॉचमैन से अनुरोध किया कि वह मेन गेट खोल दे| उसने तीन बार से ज्यादा वॉचमैन भैया कहकर उस को जगाने की कोशिश की| अचानक वह हड़बड़ा कर उठा| उसके चेहरे पर अपराध बोध था वह दौड़ कर गया और गेट खोल दिया| इसके बाद वह मेरे पास आया और बोला, सॉरी सर, आंख लग गई| मैंने उससे कहा कि 3:30 बजे हर किसी की आंख लग जाती है, इसलिए चिंता मत करो| ऐसा कहकर हम वहां से चले गएो|
एयरपोर्ट तक 10 मिनट की यात्रा के दौरान मेरी बेटी ने मुझे एक वीडियो दिखाया, जो व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी में घूम रहा था| उसमें एक लड़की ऑफिस में दूसरी से पूछ रही थी कि उसने राष्ट्रीय ध्वज के रंगों वाली कोई पोशाक क्यों नहीं पहनी| जिस लड़की से यह पूछा गया था, उसने चार मिनटों तक बिना रुके यह ज्ञान दिया कि वह देशभक्त है, वहीं जिसने पूछा था उसे वह वीडियो में बताने का मौका ही नहीं मिला कि उसने यह क्यों पूछा था| वीडियो इस शुक्रवार को शेयर किया गया था, क्योंकि लंबे वीकेंड के चलते अधिकतर ऑफिस बंद थे| मैं पहले भी वह वीडियो देख चुका था, इसलिए मैंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के रंगों वाली पोशाक पहनने या तीन रंगों वाली सैंडविच खाने- जिसमें ऊपर गाजर की चटनी हो और नीचे हरी चटनी- से आप देशभक्त नहीं बन जाते हैं| देशभक्ति वह है जो तुमने अभी किया| इस समय हार्न नहीं बजा कर पूरी सोसाइटी को डिस्टर्ब नहीं करना और बेचारे सिक्योरिटी वाले पर चलाए बिना और उसे दोषी महसूस कराए बिना उसे जगाना|
कुछ दूर ड्राइव करने के बाद जब हम दूसरी तरफ से ट्रैफिक के गुजर जाने का इंतजार कर रहे थे तो अचानक हमने एक बिना साइलेंसर वाली बाइक पर तीन नौजवानों को हमें ओवरटेक करते हुए देखा| बाइक ना केवल शोर कर रही थी बल्कि वह लड़के भी जोरो से चिल्ला रहे थे| पीछे बैठे दो नौजवानों के हाथों में स्टैंड सहित एक बड़ा तिरंगा झंडा था, जिसे अच्छे से तह किया गया था| अगले टर्न पर मैंने गाड़ी का शीशा नीचे किया और उनसे पूछा कि क्या वे यह झंडा कहीं देने जा रहे हैं? जब उन्होंने कहा हां तो मैंने उनसे कहा कि अगर तुम को लगता है कि तिरंगा झंडा हमारा गौरव है तो समाज में अच्छा व्यवहार भी करो, जिससे हमारा गौरव और बढे| उन्होंने सिर हिलाया, मुस्कुराए और हमारी कार को ओवरटेक कर आगे चले गए| मैंने दूर से देखा कि अब वे अच्छी तरह और आहिस्ता से बाइक चला रहे थे, ताकि सड़कों पर जमा बारिश का पानी उछल कर दूसरी गाड़ियों पर ना जाए| अलबत्ता एक बाइक पर तीन लोगों का बैठना यातायात के नियमों का उल्लंघन है|
फंडा यह है कि अक्सर हम क्या कहते हैं या करते हैं, इसका महत्व इतना नहीं होता, जितना इसका कि हम उसी चीज को कैसे कहते या करते हैं| हमारे वो शब्द उन्हें अपना काम अलग तरह से करने को प्रेरित कर सकते हैं, जिससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जा सकता है|
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