सफलता के बारे में जरूरत से ज्यादा सोचेंगे तो चीजों का आनंद लेना छोड़ देंगे


मैं अमीर परिवार से नहीं था पिताजी मेरी परवरिश को अफोर्ड नहीं कर सकते थे तो मुझे अपने दादा दादी के पास रहना पड़ता था वही मेरी देखभाल करते थे मेरा भाई पेरेंट्स के साथ रहता था मेरे दादाजी ने ही पापा को कहा था कि इन दोनों का ख्याल तुम नहीं रख पाओगे एक को मेरे पास रहने दो एक को तुम ले जाओ मैं अपनी प्रैक्टिस के लिए बोरीवली से चर्चगेट तक रोज लोकल ट्रेन में सफर करता था साउथ मुंबई के ओवल ग्राउंड पर मुझे प्रैक्टिस के लिए जाना पड़ता था आजाद मैदान जाते वक्त मुझे भारी भीड़ में लोकल ट्रेन पकड़नी होती थी एक बार तो धक्का-मुक्की में मेरी पूरी किट ही चलती ट्रेन से गिर गई थी मैं अगले स्टेशन पर उतरा और स्लो ट्रेन से पीछे गया ट्रैक पर चला लेकिन मुझे मेरी किट नहीं मिली मैदान के अलावा भी खिलाड़ी की जिंदगी में कई संघर्ष होते हैं आपको इन्हें मुस्कुराते हुए झेलना होता है दिमाग शांत रहेगा तो चीजें ठीक ही होंगे गुस्सा सबको आता है कुछ दिखा देते हैं कुछ नहीं दिखा पाते आप इससे बच नहीं सकते आप गुस्सा होंगे आप आ भी खाएंगे लेकिन इस पर काबू पाना ही असली जीत है टीम को आप यह सब नहीं दिखा सकते कप्तानी का सबसे मुश्किल हिस्सा अपनी भावनाओं को छुपाना है मैं मानता हूं कि जब आप कप्तान होते हैं तो आप सबसे कम महत्वपूर्ण होते हैं तीन खास होती है मैं टीम लीडर को ऐसे ही देखता हूं मुझे चैलेंज पसंद है और कप्तानी को मैं चुनौती के रूप में देखता हूं इसके लिए आपको कड़े अनुशासन में रहने से शुरुआत करना होती है समर्पण के साथ कड़ी मेहनत करना होती है ऐसे ही आप 3:00 के लिए उदाहरण पेश करते हैं यह ध्यान में रखना होता है कि टीम आप के काम से प्रभावित हो

बुरे के लिए तैयार रहता हूं

मैं पिच पर ओवरकन्फिडेंट नहीं होता ना दबाव में रहता हूं बस खुद को बुरे के लिए तैयार रखता हूं मुझे यही माइंडफ्रेम सूट करती है हर इंसान अलग अप्रोच से हालात को हैंडल करता है जब खेलता हूं तो जोगन मेरी तरफ बढ़ती है उसी के बारे में सोचता हूं उस वक्त कुछ और सोच लूंगा तो गड़बड़ होगी

ज्यादा सोचना ठीक नहीं

पहले मैं सफलता को लेकर खूब सोचता था आउट होता तो घंटों वीडियो देखता क्लिप से जानने की कोशिश करता कि क्या गलती की खुद को और कंफ्यूज कर लेता मैंने खेल का आनंद लेना छोड़ दिया था यह आनंद ही चीजें ड्राइव करता है इसे खत्म कर देंगे तो आपका काम औसत हो जाएगा

कितने ही टैलेंटेड हो मेहनत तो करनी ही होगी। 
मेहनत टैलेंट को हरा सकती है लेकिन टैलेंट मेहनत को नहीं हरा सकता। 
लक्ष्य नहीं होगा तो आपको कुछ ड्राइव नहीं कर सकता। 
जब हालात काबू में ना हो तो एनर्जी और वक्त नहीं बर्बाद करना चाहिए।

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